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विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने गुरु पूर्णिमा पर संत श्री से लिया आशीर्वाद, कहा—गुरु मार्गदर्शक होते हैं!

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने गुरु पूर्णिमा पर संत श्री से लिया आशीर्वाद, कहा—गुरु मार्गदर्शक होते हैं!

विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने गुरु पूर्णिमा पर संत श्री से लिया आशीर्वाद, कहा—गुरु मार्गदर्शक होते हैं!

गुरु पूर्णिमा पर संत सियाराम दास जी के चरणों में विधायक ने टेका शीश,बोले-गुरु बिन ज्ञान न उपजे,गुरु बिन जग अंधियार

विधायक ने संत सियाराम दास जी के चरणों में किया समर्पण, बोले—गुरु साक्षात् परम सत्य हैं!

गुरु पूर्णिमा पर विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने लिया गुरु आशीर्वाद, बोले—गुरु बिना जीवन अधूरा

भुवनेश्वर यादव:-महासमुंद (त्रिलोक न्यूज) गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर बसना विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने ग्राम अनसुला में स्थित पूज्य संत श्री श्री 108 सद्गुरु देव श्री सियाराम दास जी महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम का माहौल श्रद्धा और अध्यात्म से परिपूर्ण रहा, जहाँ भक्तों की भीड़ अपने सद्गुरु के चरणों में अर्पण भाव से उपस्थित थी। यह केवल एक राजनेता द्वारा किया गया औपचारिक दौरा नहीं था, बल्कि उनकी आत्मिक आस्था और गुरु पर अडिग विश्वास का प्रतीक था। डॉ अग्रवाल ने संत श्री से मार्गदर्शन प्राप्त किया और उनके प्रवचनों में आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।विधायक डॉ संपत अग्रवाल ने कहा, गुरु के बिना जीवन अधूरा होता है। गुरु ही हमारे जीवन के दीपक हैं, जो अज्ञान के अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाते हैं। उन्होंने आगे यह दोहा समर्पित करते हुए श्रद्धा भाव प्रकट किया:

“गुरु बिन ज्ञान न उपजे,गुरु बिन जग अंधियार।

दीपक बन गुरु जलत हैं, मिट जाए संदेह-तार।।”

 

विधायक डॉ अग्रवाल ने इस अवसर पर कहा,गुरु पूर्णिमा केवल एक पर्व नहीं,बल्कि वह दिन है जब व्यक्ति अपने जीवन में आए मार्गदर्शक को नमन करता है। गुरु आत्मा के भीतर चेतना जगाते हैं और जीवन को दिशा प्रदान करते हैं। सैकड़ों श्रद्धालु ग्राम अनसुला में आयोजित इस आयोजन में शामिल हुए। सत्संग, भजन, और गुरु वंदन ने वातावरण को भावनात्मक और भक्ति से भर दिया। संत श्री ने जीवन के विभिन्न पहलुओं पर विचार देते हुए शिष्यों को आत्मज्ञान और सेवा का संदेश दिया। विधायक का यह कदम जनमानस में एक सकारात्मक संदेश देता है कि समाज में आध्यात्मिक संतुलन और गुरु के प्रति सम्मान राजनीतिक जीवन का भी अहम हिस्सा होना चाहिए।

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